पूर्व सरपंच के खिलाफ गबन के दो मामले दर्ज

Former sarpanch

वृत क्षेत्र के सालासर थाने में पूर्व सरपंच अजीतसिंह के खिलाफ जरिये इस्तगासे के गबन के दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार अमानसिंह पुत्र दुर्जनसिंह राजपूत निवासी राजियासर खारा ने जरिये इस्तगासे के रिपोर्ट दी कि अजीतसिंह ने 1995 से 2000 तक सरपंच रहने के दौरान राजियासर खारा के प्राथमिक विद्यालय में दो शौचालय व पैशाबघर, मुस्तगिस के घर से ठाकुर जी के मन्दिर तक खुर्रा निर्माण कार्य, कुप मरम्मत ढ़ाणी रिणवां के लिए 24 हजार रूपये की स्वीकृति पंचायत समिति सुजानगढ़ द्वारा वर्ष 1999 में जारी की गई थी।

जिनके मस्टरोल आरोपी को दिये गये। आरोपी ने लाभांश प्राप्त करने के उद्देश्य से 16-10-1999 को मुस्तगिस के नाम से एक रूपये प्रति ईंट के हिसाब से एक हजार रूपये का वाऊचर एवं दादाजी की कुई मरम्मत के लिए एक रूपये प्रति ईंट के हिसाब से नौ सौ पचास रूपये के फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज की रचना कर मुस्तगिस का फर्जी अंगुठा स्वयं लगाकर 1950 रूपये की राशि, खुर्रा निर्माण करवाये बिना ही नौ हजार दो सौ पचास रूपये का और बस स्टैण्ड निर्माण के लिए वर्ष 1997 में 240 मण पत्थर खरीदने का 720 रूपये का फर्जी वाऊचर बनाकर मुस्तगिस का अंगुठा स्वयं द्वारा लगाकर सरकारी राशि का का गबन करने का आरोप लगाया गया है।

इसी प्रकार दूसरी एफआईआर सुखसिंह पुत्र पृथ्वीसिंह राजपूत निवासी राजियासर मीठा ने जरिये इस्तगासे के दर्ज करवाई है। जिसमें भी बस स्टैण्ड निर्माण के लिए वर्ष 1997 में 240 मण पत्थर खरीदने का 720 रूपये का फर्जी वाऊचर बनाकर मुस्तगिस का अंगुठा स्वयं द्वारा लगाकर सरकारी राशि का का गबन करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनो मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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