सीकर न्यायालय में पेश होने के बाद बीकानेर जाते समय कुख्यात बदमाश फरार

Bahadur Singh

सालासर थाने का हिस्ट्रीशीटर बहादुरसिंह उर्फ पहलवान सीकर न्यायालय में पेश होने के बाद बीकानेर वापस जाते समय पुलिस कांस्टेबल को विश्वास में लेकर खारिया कनिराम के पास कांस्टेबलों को धक्का देकर फायरिंग करते हुए गाड़ी से नीचे गिराकर फरार हो गया। बीकानेर आई.जी. लक्ष्मीनारायण मीणा ने पत्रकारों को बताया कि तीनों कांस्टेबल शराब के नशे में थे। वे ग्राम जुलियासर में एक व्यक्ति के घर पर खाना खाकर रवाना हुए थे। जुलियासर की सीमा पर पंहूचने पर कुख्यात बदमाश राजेन्द्रसिंह की मदद से बहादुरसिंह ने धक्का मुक्की करते तीनों कांस्टेबलों को निजी गाड़ी से नीचे गिरा दिया तथा एक कांस्टेबल की रिवॉल्वर छीनकर साथ ले गया। मीणा ने बताया कि तीनों कांस्टेबलों के साथ सालासर थाने में मामला दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी। आई.जी. ने बताया कि पुलिस को जो कहानी शुरू में बताई गई थी, वो मनघड़न्त निकली।

ये कहानी गढ़ी थी कांस्टेबलों ने
सीकर न्यायालय में पेश करने के बाद सीकर से बीकानेर जाते समय सफेद रंग की सफारी गाड़ी आई और बहादुरसिंह को हमारे कब्जे से छीन कर ले गये। जिसे आई.जी. मीणा ने झुठा बताया है।

तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार बीकानेर से सीकर पेशी पर लाये गये आरोपी बहादुरसिंह को पेशी भुगताने के बाद निजी गाड़ी से बीकानेर ले जाते समय बहादुरसिंह तीनो कांस्टेबलों को विश्वास में लेकर फरार होने में कामयाब हो गया। बहादुरसिंह के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा नाकाबंदी का आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास किये जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही चूरू जिला पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी सालासर पंहूच गये। कोटोकी घटना की मोनीट्रिंग कर रहे हैं तथा सम्बन्धित थानाधिकारियों को अलर्ट कर नाकाबंदी के आदेश दिये हैं। डूंगरगढ़ वृताधिकारी सहदेव गोदारा, बीकानेर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत, सुजानगढ़ एएसपी महेन्द्र कुमार हिंगोनिया, सालासर थानाधिकारी कमल कुमार, छापर थानाधिकारी विष्णुदत विश्नोई, नेछवा थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह ने गहन छानबीन और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। गत एक वर्ष से बीकानेर जेल में सजा काट रहा बहादुरसिंह उर्फ पहलवान के फरार होने के साथ ही पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया तथा बहादुरसिंह की तलाशी में सीकर, चूरू व नागौर जिलों में नाकाबंदी करने के साथ ही सीकर जिले के नेछवा थाना क्षेत्र के पूरे जाप्ते को अलर्ट कर दिया गया।

24 मामले दर्ज हैं बहादुरसिंह के खिलाफ
खारिया कनिराम निवासी बहादुरसिंह बर्खास्त पुलिस कर्मी है। जिसने उदयपुर जिले के नाथद्वारा में 1995 में डकैती से अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसके बाद से उदयमन्दिर राजनगर में चोरी, डबोक में हत्या का प्रयास, वैशालीनगर महामन्दिर में चोरी, जोधपुर में चोरी का माल खरीदने, बीकानेर में हत्या का प्रयास, बीकानेर में मारपीट, सामौद में राजकीय कार्य में बाधा, नीमकाथाना, सीकर, शाहपुरा जयपुर, विद्याद्यरनगर जयपुर, पोकरण, सालासर, करधनी जयपुर में आम्र्स एक्ट, वैशालीनगर जयपुर, बीछवाल बीकानेर, बहल हरियाणा में धोखाधड़ी, राणौली में आत्महत्या का प्रयास, जयपुर में धोखाधड़ी सहित विभिन्न थानों में विभिन्न धाराओं में 24 मामले बहादुरसिंह के खिलाफ दर्ज है। बहादुरसिंह को भगाने में सहयोगी राजेन्द्रसिंह पुत्र बजरंगसिंह निवासी खारिया जो कि खुद एक हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ सुजानगढ़ व सालासर के अलावा राजस्थान से बाहर बैंगलोर, नागरपुर, मथुरा में लुटपाट व डकैती के मामले दर्ज है, ने बहादुरसिंह को भगाने में सहयोग किया है।

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