खदान में डूबे चारों युवकों के शव निकाले, खान विभाग व खान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज

श्री डूंगर बालाजी धाम क्षेत्र में पानी से भरी पत्थर की खदान में सोमवार को डूबे चार युवकों के शव मंगलवार सुबह तक एसडीआरएफ की टीम एवं ग्रामिणों के सामूहिक प्रयास से निकाले गये। मंगलवार को शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामिणों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर अनेक दौर की वार्ताऐं हुई। ग्रामिणों ने खनिज विभाग एवं खनन संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने, मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की। दोनो मांगों पर सहमति के बाद मृतकों के शवों का पोस्ट मार्टम करवा कर उन्हे परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले को लेकर गांव के हरिसिंह पुत्र भैरूंसिंह रावणा राजपूत निवासी डूंगर बालाजी ने रिपोर्ट दी कि पांच अगस्त को ग्राम गोपालपुरा के चार युवक नरेन्द्रसिंह, गजेन्द्रसिंह, महावीरसिंह और हिम्मतसिंह अतिवृष्टि में आये बहाव में डूबने से बह कर रास्ते में ही आये खान क्षेत्र खड्डे में बह गये और डूबने से उनकी मृत्यु हो गई। आबादी क्षेत्र से मात्र पचास मीटर की दूरी पर एक खान पट्टा डूंगरमल पुत्र विजयसिंह सिंघी के नाम से जारी किया हुआ है। खनन विभाग की लापरवाही व मिलीभगत से उक्त खान बिना सुरक्षा व्यवस्था से चल रही है, जिसके ना तारबंदी है और ना ही दीवार बनी हुई है। चारों मृतक पांच अगस्त को दोपहर 12 बजे बकरियां चराने खेत गये थे। रास्ते में अतिवृष्टि के बहाव के साथ बिना तारबंदी व बिना चारदीवारी की खान के गहरे में पानी में बह गये और डूबने से चारों की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस रिपोर्ट में खनिज विभाग व खान मालिक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है। मामले की जांच सीआई मुश्ताक खान कर रहे हैं।

कड़ी मश्क्कत के बाद निकले शव
सोमवार को चार युवकों के खान में भरे पानी में चार युवकों के डूबने की घटना के बाद गोपालपुरा के तैराकों एवं ग्रामिणों ने अपने स्तर पर युवकों की तलाश शुरू की थी। बाद में प्रशासन द्वारा चूरू व बीकानेर से एसडीआरएफ की टीम बुलाने के बाद रात डेढ़ बजे तक सर्च अभियान चला। जो डेढ़ बजे बंद किया गया। उसके बाद मंगलवार सुबह 6 बजे फिर से सर्च अभियान शुरू किया गया। जो सुबह साढ़े आठ बजे तक चला। सर्च अभियान के दौरान सबसे पहले ग्रामिणों ने सोमवार शाम को नरेन्द्रसिंह का शव निकाल लिया। उसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने रात साढ़े 12 बजे गजेन्द्रसिंह का शव निकाला गया। इसके बाद रात डेढ़ बजे हिम्मतसिंह का शव निकाला गया तथा मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे महावीरसिंह का शव निकाला गया। उपखण्ड अधिकारी रतनकुमार स्वामी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम माहिच, तहसीलदार अमरसिंह, पुलिस उप अधीक्षक नरेन्द्र शर्मा, सभापति सिकन्दर अली खिलजी, प्रधान गणेश ढ़ाका, पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल, सरपंच सविता राठी, सुरेन्द्रसिंह डूंगरास सर्च अभियान पर नजर रखे हुए थे।

मांगों को लेकर अड़े रहे परिजन
खान के गहरे पानी में डूबने से चार युवकों की हुई मृत्यु के बाद ग्रामीण अपनी मांगों के नहीं माने जाने तक शवों का पोस्टमार्टम नहीं करवाने पर अड़े रहे। ग्रामिणों ने उपखण्ड अधिकारी, एएसपी से खान विभाग एवं खान के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कॉपी देने तथा गरीब परिवार जनों को अधिक से अधिक मुआवजा सरकार से दिलवाने की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन द्वारा दोनो मांगे मान लेने के बाद चारों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया और उनके शवों को परिजनों को सौंप दिया गया। वार्ता के दौरान रावणा राजपूत समाज के तहसील अध्यक्ष प्रेमसिंह, केशरसिंह राजियासर, कालूसिंह दहिया सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे। सरपंच सविता राठी ने ग्रामिणों एवं प्रशासन के बीच चल रही वार्ताओं में मध्यस्थता की। वार्ता के दौरान अस्पताल परिसर में रावणा राजपूत समाज के लोगों का जमावड़ा लगा रहा।

तीन चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
खान में भरे में पानी में डूबने से मृत चारों युवकों नरेन्द्रसिंह, हिम्मतसिंह, गजेन्द्रसिंह, महावीरसिंह के शवों का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के तीन सदस्यीय पैनल ने किया। डॉ. रविन्द्र भामू, डॉ. विजय बगडिय़ा, डॉ. रतनलाल यादव ने चारों शवों का पोस्टमार्टम किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here