
श्री वेंकटेश्वर मन्दिर के वार्षिकोत्सव पर आज रविवार से ब्रह्मोत्सव का आयोजन किया जायेगा। वेंकटेश्वर फाउण्डेशन की ट्रस्टी मंजूदेवी जाजोदिया ने बताया कि वेंकटेश्वर भगवान के 22 वें ब्रह्मोत्सव पर 31 जनवरी रविवार को अनुज्ञा, मुत्तिका संग्रहण, अंकुरारोपण, विष्वसेन पूजा, वेद प्रबन्ध पाठ, प्रारम्भ पूजा, एक फरवरी सोमवार को प्रात: पूजा, रक्षा बंधन, हवन ध्वजारोहण, उत्सव, तिरूमंजन (अभिषेक), वेद पाठ, भोग, भेरी पूजा, कुम्भ स्थापना, यज्ञशाला होम, सवारी, पाठ, भोग, आरती व गोष्ठी, 2 फरवरी मंगलवार को प्रात:पूजा, हवन, चूर्णाभिषेक (अभिषेक), पाठी, भोग, आरती, पूजा, सवारी, पाठ, भाोग, आरती, एवं गोष्ठी, 3 फरवरी बुधवार को प्रात: पूजा, हवन, पाठ, उत्सव, भोग, तोट्टी तिरूमंजन (पुष्करनी स्नान), पूजा, हवन, उत्सव, पाठ, भोग, आरती एवं गोष्ठी, 4 फरवरी गुरूवार को प्रात:पूजा (अभिषेक), हवन, पाठ, उत्सव, भोग, आरती, हवन, पाठ, उत्सव एवं गोष्ठी, कल्याणोत्सव (भगवान का विवाह), भजन संध्या, शेषनाग सवारी, 5 फरवरी शुक्रवार को 108 कलश का अभिषेक, चक्रस्नान, पूर्णाहूति, पुष्प अभिषेक, शाम को भजन संध्या, ध्वजारोहण एवं गोष्ठी तथा 6 फरवरी शुक्रवार को जाजोदिया बगीची में सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन किया जायेगा। श्रीमती जाजोदिया ने बताया कि ब्रह्मोत्सव के दौरान होने वाले सभी धार्मिक आयोजन दक्षिण भारतीय विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न करवायें जायेंगे। ब्रह्मोत्सव की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।












