नानी की हत्या के आरोप में दो दोहितों को आजीवन कारावास

sujangarh Murder

नानी की हत्या के आरोप में दो सगे भाईयों को आजीवन कारावास की सजा एडीजे नेपालसिंह ने सुनाई है। प्रकरणानुसार 12 दिसम्बर 2010 को बोथरा कॉटेज में रहने वाली मोहिनीदेवी की हत्या का मामला सुजानगढ़ पुलिस थाने में उसके दोहिते संदीप पुत्र विजयसिंह डोसी निवासी सुजानगढ़ ने दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में संदीप ने बताया था कि 12 दिसम्बर की शाम 6 बजे वह अपनी दुकान पर बैठा था, तभी उसकी मम्मी का फोन आया और उसने बताया कि नानी जी को दूधवाला दूध देने आया था, लेकिन आवाज लगाने पर भी वे नहीं आई तो दूधवाले ने छत पर जाकर देखा तो उनके सिर में चोट लगी हुई थी व खुन आया हुआ था।

सूचना मिलने के बाद संदीप जल्दी ही दुकान बंद कर नानी के घर पंहूचा तो चौक में डा. राजेन्द्र टण्डन व उनकी पत्नी तथा संदीप की मम्मी व पांच-सात अन्य लोग खड़े थे। नीचे चैनल गेट का ताला तोड़कर ऊपर कमरे में जाकर देखा तो नानी के सिर में खुन आया हुआ था। डा. दिलीप सोनी को बुलाकर दिखाया तो उन्होने नानी को मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट में बताया गया कि अज्ञात व्यक्ति ने सिर में चोट मार कर नानी मोहिनीदेवी की हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और बाद अनुसंधान पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर नानी की हत्या के आरोप में पुलिस ने संदीप व पवन पुत्रगण विजयसिंह डोसी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जिसके बाद पुलिस ने संदीप की निशानदेही पर खुन से सना कपड़ा, चार चूड़ी व जेवरात बरामद किये तथा पवन से एक ताला व जेवरात बरामद किये।

दोनो आरोपियों के खिलाफ 31 दिसम्बर 2010 को न्यायालय में चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 16 गवाहों के बयान करवाये गये। गवाहों के हॉस्टाइल हो जाने के बाद घटनास्थल पर आरोपियों की मौजूदगी साबित होने पर एडीजे न्यायाधीश नेपालसिंह ने दोनो आरोपियों संदीप व पवन पुत्रगण विजयसिंह डोसी को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास एवं 10 हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। अदम अदायगी नहीं होने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। हत्या के अलावा लूट के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच हजार रूपये जुर्माना तथा अदम अदायगी नहीं होने पर 15 दिवस के कारावास तथा हत्या के साक्ष्य मिटाने के आरोप में सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं दो हजार रूपये के अर्थ दण्ड तथा अदम अदायगी नहीं होने पर सात दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक एड. कुम्भाराम आर्य ने की।

आर्थिक तंगी के चलते की थी नानी की हत्या
आरोपी संदीप व पवन ने अपनी नानी मोहिनी देवी की हत्या आर्थिक तंगी के चलते की थी। आरोपियों ने गिरफ्तार होने के बाद दौराने जांच पुलिस को बताया था कि उनकी मनिहारी की दुकान है, जिसका सामान खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। जिसके लिए उन्होने अपनी नानी की हत्या कर दी। इस प्रकरण में आरोपी संदीप ने ही अपनी नानी की हत्या का मामला सुजानगढ़ पुलिस थाने में दर्ज करवाया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here