महिला की हत्या के आरोप में देवर-देवरानी को आजीवन कारावास

Murder

एक महिला की हत्या के आरोप में एडीजे नेपालसिंह ने महिला के देवर व देवरानी को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अर्जुनराम पुत्र रूपाराम जाट निवासी ढ़ढ़ेरू भामूवान ने छापर थाने में रिपोर्ट दी कि उसकी बहन बचनादेवी की शादी बालेरां निवासी सांवताराम के साथ हुई थी। बचनादेवी का उसके बाबा के बेटे तुलछाराम के पास फोन आया कि उसका देवर सुखाराम, रामूराम, नणदोई भगवानाराम से उसे खतरा है तथा वे उसे मारने केलिए तैयार हो रहे हैं। इस सूचना पर अर्जुनराम व तुलछाराम बालेरां गांव गये। जहां पंहूचने पर पता चला कि बचनादेवी को बीदासर के अस्पताल में ले गये हैं।

वहां से बीदासर के अस्पताल पंहूचे तो देखा कि बचनादेवी (45) के शरीर पर काफी चोटेंं आई हुई थी, तथा उसकी मृत्यु हो चूकी थी। अर्जुनराम ने अपनी भाणजी मनीषा से पुछा तो उसने बताया किदोपहर चार-साढ़े चार बजे मां खेत में निनाण कर रही थी। मनीषा व प्रियंका पास में थी। तभी काका सुखाराम, काकी बुल्की, रामूराम, काका का बेटा ामनिवास, शेराराम, बेटी भंवरी, फूंफा भगवानाराम व नौलाराम मेघवाल हाथों में लाठियां, जैली व कुल्हाड़ी लेकर आये। सुखाराम ने आते ही बचनादेवी के पैरों में जैली की चोट मारी तथा बुल्की ने कुल्हाड़ी से वार किया तथा अन्य ने लाठियों से मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान के बाद आरोपी सुखाराम व उसकी पत्नी बुल्की के खिलाफ भादंस की धारा 302/34 व 447 में एडीजे न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया, जबकि नाबालिग रामनिवास के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड चूरू में आरोप पत्र पेश किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 23 गवाह परीक्षित किये गये, जिनमें चश्मदीद गवाह मनीषा, अर्जुनराम, तुलछाराम, सांवताराम के अलावा बरामदगी रिपोर्ट व आई. आर. रिपोर्ट को प्रभावी मानते हुए एडीजे नेपालसिंह ने आरोपी सुखाराम व उसकी पत्नी बुल्की को भादंस की धारा 302/34 में आजीवन कारावास से दण्डित किया तथा मृतका की पुत्रियों मनीषा (11) व प्रियंका (09) को 25 -25 हजार रूपये क्षतिपूर्ति के देने के आदेश दिये। एडीजे ने दोनो आरोपियों को भादंस की धारा 447 में तीन माह के कारावास एवं पांच सौ रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। सरकार की ओर से पैरवी पीपी एड. सूरजमल यादव ने की।

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