मंदिर परिधि में स्थित बार का लाइसेंस रद्द करने की मांग, जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

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स्टेशन रोड़ पर स्थित मंदिर के पास एक होटल में नए आबकारी नियमों के विरुद्ध चल रहे बार का लाइसेंस रद्द करने की मांग को लेकर कस्बे के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने जोधपुर हाई कोर्ट में गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या तीन प्रभात नगर निवासी विमल कुमार पुत्र मांगीलाल नाई ने नए आबकारी नियमों के मुताबिक वेंकटेश्वर मंदिर की 200 मीटर परिधि से भी कम दूरी पर स्थित एक होटल में चल रहे शराब घर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग को लेकर जोधपुर हाई कोर्ट में विमल कुमार बनाम स्टेट पीटिशन संख्या 8549 याचिका दाखिल की है।

याचिका के हवाले से बताया गया है कि आबकारी विभाग व स्थानीय नगर पालिका प्रशासन की मिली भगत के चलते धार्मिक स्थानों की अनदेखी कर बार का लाइसेंस दिया गया है। याचिका में यह भी बताया गया है कि आवेदक के आवेदन करने पर संभाग स्तरीय कमेटी में शामिल तत्कालीन एसडीएम सीएल मीणा ने पत्र क्रमांक 3(2)वित्त/आबकारी/ 96 के तहत अपनी टिप्पणी में लिखा था कि होटल में आगे पीछे सेट बैक व पार्किंग नहीं होने सहित मंदिर की 200 मीटर की परिधि में यह होटल स्थित है जिस पर यहां पर बार का लाइसेंस देना नियमों के मुताबिक नहीं है। बाद आबकारी विभाग ने वर्ष 2012 के लिए आवेदक का आवेदन निरस्त कर दिया।

याचिका में बताया गया है कि यह सब होने के बाद आबकारी विभाग के उदयपुर आयुक्त ने सभी नियमों को ताक पर रखकर अपना आदेश बदलते हुए वर्ष 2012-13 के लिए उक्त होटल के लिए बार का लाइसेंस जारी कर दिया। यह सब किन नियमों के तहत किया गया है यह सब समझ से परे है। क्योंकि मात्र 80 मीटर जगह में बनी इस होटल के चारों ओर आम रास्ते हैं। नगर परिषद द्वारा इसे किस आधार पर इसे व्यवसायिक स्वीकृति दी है, यह भी लोगों की समझ से परे है।

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