
लगातार दूसरे दिन भी कोहरे छाया रहा, जिससे लोगों की दिनचर्या बदल गई। कोहरा छाये रहने एवं सर्दी बढऩे के कारण लोग देर तक गर्म कपड़ों में दुबके रहे तथा कस्बे के बाजार देर से खुले। सर्दी बढऩे से लोग जगह-जगह अलाव तापते नजर आ रहे थे। दिन भर लोग चाय की थडिय़ों पर चाय की चुस्कियां लेते एवं चाट की दुकानों पर गर्मागर्म कचौरी, पकौड़ी का स्वाद लेते नजर आ रहे थे। सर्दी बढऩे के साथ ही मुंगफली एवं गजक की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। कोहरे के कारण यातायात के साधन बसें, रेलगाडिय़ां अपने नियत समय से देरी से चल रही थी।












