
संगीतकार निर्मल मिश्र के एकादशा पर गिरीश कला मन्दिर द्वारा स्व. निर्मल मिश्र स्मृति भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थानी गीतों की स्वर कोकिला सीमा मिश्रा ने राम ही राम रटे तो तेरा माया जाल कटे ………… तथा निर्मल मिश्र रचित मेरे घनश्याम मनमोहन मुरलिया फिर बजा जाना………… हीना सैन ने हीरो सो जन्म गंवायो…………, सत्यम् शिवम् सुन्दरम् ………… तथा तोरा मन दरपण कहलाये………… पं. मनभावन ने हे राम हे राम तु अन्र्तयामी सबका स्वामी………… तथा जगदीश नारायण शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानी पं. गिरीशचन्द्र मिश्र रचित तेरे घट में बसा है भगवान ………… एवं चदरिया झीनी रे झीनी………… आदि भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी। दिलीप सिंह सोढ़ा, राधेश्याम शुक्ला, कानपुरी जी महाराज आदि ने भी एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दी।
भजन संध्या में पूर्व विधायक रामेश्वर भाटी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष भंवरलाल पुजारी, एड. सुल्तान खां चौधरी, गिरधर भोजक, घनश्यामनाथ कच्छावा, एड. हेमन्त शर्मा, मुन्नालाल बिजारणियां, बाबूलाल माली, सुरेश अरोड़ा, सुभाष ढ़ाका, गणेश मण्डावरिया, गोपाल चोटिया, गोपाल प्रजापत, मांगीलाल भाटी, शुभकरण काछवाल, एड. मनीष गोदारा, कमल पुजारी, एड. भीमशंकर शर्मा, अजय बोचीवाल, पवन चितलांगिया, एड. हरिश गुलेरिया, एड. सलीम खान मोयल, महावीर बगडिय़ा, सुभाष बगडिय़ा, मुरारी फतेहपुरिया, लंकेश अग्रवाल, जितेन्द्र मिरणका, पवन भरतिया सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। भजन संध्या में की बोर्ड पर अजय डांगी, पेड पर सुमेर डांगी, ढ़ोलक पर नगीना व शिवशंकर, वायलिन पर मनभावन डांगी, साईड रिदम पर गजानन मानव मिश्र ने संगत की। संचालन एस. के. कॉलेज सीकर के प्रोफेसर बी.डी. सिंघी ने किया।












