स्थानीय लक्ष्मी नारायण मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जो शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए गोकुल धाम पहुचीं। गोकुल धाम में आयोजित श्रीमद भागवत कथा का शुभारम्भ कर कथावाचक महा मण्डेलश्वर 1008 बाल योगिनी करूणा गिरी ने पूजा अर्चना कर किया। श्रीमद भागवत कथा के मुख्य यजमान घीसुलाल कठातला ने कथावाचक करूणा गिरी का माल्यार्पण कर स्वागत किया। तत्पश्चात श्रीमदï भागवत कथा पुराण की पूजा कर कथा का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर कानपुरी महाराज, सत्यनारायण अरोड़ा, शिव कुमार सराफ, माणकचंद सराफ, मेघराज सोनी, सांवलमल सराऊ, वैद्य भंवरलाल शर्मा, घनश्यामनाथ कच्छावा, विरेन्द्र सोनी, किशन बिजारडिय़ा, रामलाल चौधरी, मधुसुदून अग्रवाल ने कथा वाचक का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कथावाचक ने कथा के शुभारम्भ पर भागवत महातम्य का वर्णन कर कहा कि कलयुग में व्यक्ति हर चीज में पहले अपना स्वार्थ ढुंढता है। इसलिए कथा की महिमा पर प्रकाश डालते हुए साध्वी करूणा गिरी ने कहा कि भगवान से आत्मीयता से जुडऩे से पापों का विनाश होता है। इसलिए घर बैठी आई गंगा श्रीमदï् भागवत कथा का स्वर्ण कर अपना जीवन सफल बनायें। कथा में श्री भगवती ज्ञान वैराग्य की कथा का प्रसंग सुनाकर बताया कि किस प्रकार से भागवत कथा को सुनने से व्यक्ति में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य सुदृढ़ होते हैं।














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