दो लाख रूपये की रिश्वत के साथ सीआई व एएसआई सहित तीन गिरफ्तार

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Bribe

एसीबी अजमेर की टीम ने दो लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए लाडनूं सीआई नरेश कुमार सेवदा एवं एएसआई रावताराम को शनिवार शाम करीब पांच बजे रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान सीआई सेवदा व एएसआई नशे की हालत में थे और इन्होने अपने कार्यालय में दो लाख रूपये की रिश्वत ली थी। इस सौदे बाजी में शामिल मध्यस्थ सलीम तगाला को भी एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार में मेगा हाईवे पर स्थित 215 बीघा भूमि को लेकर सुजानगढ़ निवासी निर्मल भरितया एवं एक अन्य के मध्य मामला चल रहा था।

लाडनूं थाने में दर्ज मामले में निर्मल भरतिया के पक्ष में एफआर लगाकर विवाद को निपटाने के लिए सीआई नरेश सेवदा ने एएसआई रावताराम के माध्यम से चार लाख रूपये व दस बीघा जमीन अपने खास आदमी सलीम तगाला के नाम करवाने की मांग की थी। इस प्रकरण में सीआई ने पीडि़त निर्मल भरतिया से बतौर पहली किश्त साठ हजार रूपये लिये थे तथा दूसरी किश्त के रूप में शनिवार सुबह दो लाख रूपये देना तय हुआ था। जिसके बारे में पीडि़त ने एसीबी कार्यालय अजमेर में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद शनिवार शाम पांच बजे एसीबी के निर्देश पर पीडि़त ने सीआई कार्यालय में रिश्वत की राशि लेकर पंहूचा।

थाने में एएसआई रावताराम भी वहां पर उपस्थित था। रिश्वत की राशि सौंपने के बाद पीडि़त का इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने सीआई सेवदा व एएसआई रावताराम को रंगे हाथों पकड़ लिया। पकडऩे जाने के बाद सीआई ने अधिकारियों पर दबाव डालने व अपना रूतबा दिखाने की भी कोशिश की। लेकिन टीम के सामने ने उनकी एक न चली। एंटीक्रेप्शन ब्यूरो की स्पेशल यूनिट अजमेर के एडिशनल एसपी करणी सिंह राठौड़ व सीआई शमशेर खां के नेतृत्व में आई इस टीम ने पूरे थाने की तलाशी ली, उन्होंने पकड़े गये थानाधिकारी नरेश कुमार सेवदा के थाना परिसर में बने हुए क्वार्टर की भी गहन तलाशी ली।

उन्होंने थाने से रिश्वत की नकद राशि के अलावा अनेक शराब के खाली पव्वे, एक लैपटॉप, कुछ कागजात आदि बरामद किये। टीम की कार्रवाई से लाडनूं थाने में हड़कम्प मच गया। एएसी करणीसिंह के नेतृत्व में एसीबी अजमेर की टीम ने कार्यवाही को अंजाम देने के बाद आरोपी सीआई व एएसआई व सलीम तगाला को अपने साथ ले गये। सनद रहे कि लाडनूं थाने में निर्मल भरतिया के विरूद्ध दो मामले दर्ज हैं, जिनमेंं जांच अधिकारी स्वयं सीआई नरेश कुमार सेवदा और एएसआई रावताराम थे। निर्मल कुमार पर आरोप था कि उसने करीब 215 बीघा जमीन पर कब्जा करके फर्जी तरीके से रजिस्ट्रियां करवा लेने तथा मारपीट करने के आरोप हैं।

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