आत्मसात् किये बिना निरर्थक है किताबी ज्ञान

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सोनादेवी सेठिया कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनो ईकाइयों के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में स्वयंसेविकाओं ने खेल मैदान की झाडिय़ां एवं पत्थर हटाकर सफाई कार्य किया। दूसरे सत्र में व्यख्याता हवा शेखावत ने व्यक्तित्व विकास एवं प्रबन्ध पर अपना व्याख्यान देते हुए बताया कि किताबों में लिखा ज्ञान तब तक निरर्थक है, जब तक आप उसे आत्मसात् नहीं कर लेते।

व्यक्तित्व विकास के लिए सुनियोजित जीवन शैली का प्रबन्धन अनिवार्य है। तृतीय सत्र में दोनो ईकाइयों की स्वयंसेविकाओं के मध्य खो-खो प्रतियोगिता रखी गई। जिसमें द्वितीय ईकाई की स्वयंसेविकायें विजयी रही। शिविर के सभी सत्रों का संचालन कार्यक्रम अधिकारी रविशंकर व्यास व डा. जयश्री सेठिया ने किया।

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