आरती चारण को डॉक्टरेट की उपाधि

SHARE

Aarti Charan

महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के कला संकाय के हिन्दी के सेवानिवृत प्रोफेसर डा. तेजसिंह जोधा के अधीनस्थ रहकर देशनोक के स्व. फूसदान दीपावत की पुत्रवधु आरती चारण को शोध कार्य सम्पन्न करने पर डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया है। अधिवक्ता डा. करणीदान चारण की धर्मपत्नी श्रीमती चारण ने रामधारीसिंह दिनकर एवं कन्हैयालाल सेठिया के हिन्दी काव्य का तुलनात्मक अध्ययन विषय पर अपना शोध कार्य किया है। शोध अवधि के दौरान श्रीमती चारण ने तीन बार राष्ट्रीय सेमीनार में भी शामिल हुई थी।

श्रीमती चारण ने एम.फिल. के दौरान कबीर एवं रामसिंह के काव्य में रहस्यवाद का तुलनात्मक अध्ययन पर एक लघु शोध भी लिखा था। डॉक्टरेट मिलने पर गजेन्द्रसिंह ओडिंट, डा. रविन्द्रसिंह, डा. गजादान चारण, प्रेमचन्द नेहरा, शर्मिला सोनी, घनश्यामनाथ कच्छावा, एड. सुरेश शर्मा, बुद्धिप्रकाश प्रजापत, विनोद सोनी, प्रदीप कठातला, बाघाराम गुलेरिया, मन्नालाल ने बधाईयां दी। सनद रहे कि आरती के पति डा. करणीदान चारण एड. ने भी आधुनिक हिन्दी की गध विद्याओं पर गांधी विचार धारा का प्रभाव विषय पर शोध कार्य किया था।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY