जयचन्द रूपी गद्दारों से देश व धर्म को खतरा – साध्वी सरस्वती दीदी

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Salasar-Dham

निकटवर्ती सालासर धाम में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में देश, धर्म व गौ रक्षा के लिए गर्जना करते हुए साध्वी सरस्वती दीदी ने कहा कि राजनीति के माध्यम से हिन्दूओं के प्रति खुले आम षडय़न्त्र हो रहे है। शकुनी और जयचन्द के बाद आज देश में इतने जयचन्द रूपी गद्दार पैदा हो गये, जिनसे देश व धर्म को खतरा उत्पन्न हो गया है। साध्वी ने राजधर्म केे द्वारा सारे काम होने का आह्वान करते हुए कहा कि चन्द रूपयों के लालच में हम गाय को बुचडख़ानों में बेच देते हैं तथा उसके बाद वहां पर उसे दर्दनाक मौत दी जाती है। गाय के चर्बी व चमड़े से बने उत्पाद आज बाजार में उपलब्ध हैं। साध्वी ने गाय को माता और चिकित्सक दोनो बताते हुए जनगणना की तर्ज प्रत्येक वर्ष गाय की गणना करवाने की वकालत करते हुए गाय को बूचड़ खानों में बेचने और उसे मारने वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने की सरकार से मांग की। साध्वी ने गौशाला व वृद्धाश्रम के एक ही होने की संज्ञा देते हुए कहा कि जिस पर माता-पिता की सेवा नहीं होने पर उन्हे वृद्धाश्रम भेज दिया जाता है, उसी प्रकार गाय की सेवा नहीं होने पर उसे गौशाला में भेज दिया जाता है।

साध्वी ने कहा कि दामिनी के मुद्दे पर सरकार चुप रही, लोग लड़कियों के कपड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हे ही दुराचार के लिए उन्हे ही जिम्मेदार ठहारते हैं, लेकिन पांच साल की अबोध बच्ची जिसे किसी प्रकार को कोई ज्ञान नहीं उसके साथ होने वाले दुराचार के लिए कौनसे कपड़े जिम्मेदार हैं। साबरमती के संत तुने कर दिया कमाल गीत पर बोलते हुए साध्वी ने कहा कि चरखा पकडऩे और सूत कातने से आजादी नहीं मिला करती, उसके लिए खुन बहाना पड़ता। उन्होने कहा कि आतंकवादी हमे मारने नहीं बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने आते हैं। 84 कोसी परिक्रमा को सरकार द्वारा रोकने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए साध्वी सरस्वती दीदी ने कहा कि जिस देश में हिन्दू अपने तीर्थ स्थानो की यात्रा नहीं कर सकते तो ये कैसी आजादी। उन्होने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिए जहां हिन्दूओं को टैक्स चुकाना पड़ता है, वहीं हज यात्रा के लिए सरकार द्वारा सब्सीडी दी जाती है। देश की सरकार को बिना कपड़ों की बताते हुए राजनीति को राजधर्म के कपड़े पहनाने जरूरी है। आन्ध्र प्रदेश के गौरक्षा प्रमुख टी. राजासिंह ने कहा कि आंध्र प्रदेश व हैदराबाद में खुलेआम गौहत्या, लव जिहाद होते हैं तथा पुलिस को नपुंसक कहा जाता है। अकबरूद्दीन औवेसी का नाम लिये बगैर राजा ने कहा कि गद्दार हैदराबाद में रहते हैं, जिनका कांग्रेस सहयोग करती है।

राजा ने कहा कि गौ हत्या करने वालों की टांगे तोड़ कर टांग देंगे। उपस्थित जनसमुदाय से अपना जीवन गौ रक्षा, देश व धर्म के न्यौछावर करने का आह्वान करते हुए टाईगर ने कहा कि आज का युवा शिवाजी व महाराणा प्रताप बनने को तैयार है। पाकिस्तान के हमलों के लिए जवाब देने की मांग करते हुए देश, धर्म व गौ माता की रक्षा के हथियार उठाने का राजा ने आह्वान किया। राजा ने बताया कि आजादी से पहले देश में 300 बूचड़ खाने थे और अब पैंतीस हजार से ऊपर बूचडख़ाने सरकार की अनुमति से चल रहे हैं। आतंकवाद, भ्रष्टाचार और हिन्दू पर अत्याचार का जवाब देने का आह्वान किया। इससे पूर्व मो. फ ैज खान ने शिकागो सम्मेलन में भारतीय संस्कृति का मान बढ़ाने के लिए स्वामी विवेकानन्द को याद करते हुए कहा कि राजस्थान की जनता ने नरेन्द्र को विवेकानन्द बनाया। स्वयं पर विश्वास नहीं करने वाले को नास्तिक बताते हुए फैज खान ने कहा कि द्वापर युग में गायों को मारने वाला एक धेनूकासुर था, जिसे एक कृष्ण ने मार दिया। लेकिन आज अनेकों धेनूकासुर है, जिन्हे मारने के लिए अनेक कृष्णों की आवश्कता है। खान ने चिन्ता जताते हुए कहा कि जिस भारत में गाय को माता माना जाता है, उसी भारत सबसे ज्यादा गायें कटती और इनके मांस का निर्यात होता है। खान ने कहा कि गाय के शाप से कोई बच नहीं पाया है। सता को जहर के समान गौ माता को अमृत के समान बताते हुए गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने की मांग फैज खान ने की। सिद्धगिरी जी महाराज ने सभी धर्मों से हिन्दू धर्म को बड़ा बताते हुए कहा कि दो ढ़ाई हजार साल पहले बने धर्म आज विश्व पर राज करने का सपना देखते हैं, जबकि चार करोड़ वर्ष से भी पुराना सनातन धर्म विश्व गुरू रहा है। महाराज ने कहा कि अब समय ताली बजाने का नहीं ताल ठोकने का है।

हिन्दू धर्म को सोची समझी साजिश से बचाने का समय है। उन्होने कहा कि हमारी राष्ट्र भाषा हिन्दी है, लेकिन पढ़ाई अंग्रेजी जाती है। उन्होने कहा कि साजिश के तहत देश में धर्मान्तरण का आन्दोलन चलाया जा रहा है। गौ हत्या के लिए हिन्दू को ही जिम्मेदार ठहराते हुए महाराज ने कहा कि गाय को बेचने हिन्दू जाता है, इसलिये हिन्दू हत्यारा है। गाय को बेचना बंद कर देंगे तो गौ हत्या और बूचड़ खाने अपने-आप बंद हो जायेंग। प्रसिद्ध भजन गायक प्रकाश माली की गणेश वन्दना से शुरू हिन्दू सम्मेलन में माली ने वही प्रेरणा पूंज हमारे स्वामी पूज्य विवेकानन्द, जय धरती जय गौ माता आदि गीत सुनाये। सम्मेलन में ठलुआ क्लब की पत्रिका का विमोचन किया गया। अभा हिन्दू महासभा गुजरात के प्रदेशाध्यक्ष महन्त योगेसदास, हिन्दू जन जागृति समिति दिल्ली के अध्यक्ष दिलीप अठलेश्वर, नरेन्द्र मोदी सेना गुजरात के धर्म खत्री, सर्वदलीय गौ रक्षा मंच हैदराबाद के जयपालसिंह, हिन्दू महासभा सूरत की महिला अध्यक्ष मधु विजयवर्गीय, स्वामी कानपुरी महाराज, पूर्व विधायक रामेश्वर भाटी आदि मंचासीन थे। सम्मेलन में रविशंकर पुजारी, मनोज भाणेज, बाबूलाल तेजस्वी, गणेश मण्डावरिया, रामप्रताप बीडासरा, मूलचन्द सांखला, सत्यनारायण चाण्डक, अमरचन्द भाटी, कैलाश सराफ सहित अनेक लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में भंवरलाल प्रजापत, किशोरदास स्वामी, दिनेश गौड़, मनोज शर्मा, रामोतार प्रजापत, निरंजन शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता जुटे हुए थे। संचालन चन्द्रभान ने किया।

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