अंग भंग करने के आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

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Arrested

ईलाज में लापरवाही के कारण अंग-भंग होने का दंश झेल रहे जिनरासर निवासी पीडि़त पप्पूराम नाई को न्याय दिलाने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सैंकड़ों लोगों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया तथा उपखण्ड कार्यालय पंहूचकर नायब तहसीलदार को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। कस्बे के बस स्टैण्ड से रैली के रूप में रवाना होकर रामपुरिया कॉटेज, घण्टाघर, गांधी चौक, लाडनूं बस स्टैण्ड, गणपति चौक होते हुए पूर्व विधायक रामेश्वर भाटी के नेतृत्व में सैंकड़ों लोगों ने पुलिस थाने के समक्ष नारेबाजी करने के बाद उपखण्ड कार्यालय पंहूचकर उपखण्ड अधिकारी की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार सुभाष चौधरी को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने से पहले आयोजित सभा में उपस्थितजनों को आपबीती बताते हुए पीडि़त पप्पूराम नाई ने बताया कि कस्बे के मनोहरी देवी राठी हॉस्पीटल में हर्निया का ऑपरेशन करवाने के लिए 18-08-2010 को भर्ती हुआ था तथा 20 अगस्त को हॉस्पीटल की मालकिन सविता राठी ने झोलाछाप चिकित्सक बाबूलाल सैनी को डॉक्टर बताकर गुमराह करते हुए बाबूलाल के द्वारा मेरा हर्निया का ऑपरेशन करवा दिया। पप्पूराम ने बताया कि अधिक तकलीफ होने पर 15 अक्टूबर को जयपुर के राजधानी अस्पताल में डा. हरिसिंह से जांच करवाने पर उन्होने बताया कि सुजानगढ़ में ऑपरेशन के दौरान रूई, धागे, गाज आदि शरीर में ही छोड़ दी तथा तुम्हारा एक अण्डकोष भी निकाला हुआ है। फिर तबियत खराब होने पर एस.एम.एस. अस्पताल में एक बार फिर ऑपरेशन करवाना पड़ा, जिसका अभी तक इलाज चल रहा है।

पप्पूराम ने बताया कि परेशान होकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जांच करवाने पर रिपोर्ट में मेरा अंग-भंग होना व अण्डकोष निकाला हुआ बताया गया। ज्ञापन सौंपने गये प्रतिनिधि मण्डल में सरपंच पति परमाराम, उमाराम भामू, गोपाल बिजारणियां, मांगीलाल नाई, पूर्व सरपंच सवाईसिंह, दानाराम नाई, सुभाष पारीक, तनसुख प्रजापत, इन्द्रचन्द सोनी, सुरेन्द्र भार्गव, गजानन्द दाधीच, शेरसिंह भाटी, राजूसिंह भाटी, जीवणराम गुर्जर, पेमाराम चौधरी, प्रकाश भार्गव, लीलाधर नाई, मनीष गोठडिय़ा, सीताराम सामरिया, गंगाराम बीरड़ा, हंसराज नायक सहित सैंकड़ों लोग शामिल थे। ज्ञापन सौंपते समय दोषियों को गिरफ्तार नहीं करने तथा उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं होने पर पांच दिन बाद धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी प्रशासन को दी गई है।

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