खण्डित व्यक्तित्व विकास से स्वस्थ समाज रचना में उपस्थित होती हैं बाधायें

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Acharya-tulsi

स्थानीय रतनदेव सेठिया पब्लिक स्कूल सभागार में अणुव्रत समिति द्वारा आचार्य महाश्रमण की सुशिष्या साध्वी निर्वाण श्री के पावन सानिध्य में आचार्य तुलसी जन्म शताब्दी समारोह के तहत व्यक्तित्व विकास विषयक कार्यक्रम प्रधानाध्यापिका रजनी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। समिति अध्यक्ष निर्मल कोठारी ने साध्वी वृंद की अहिंसा यात्रा का परिचय कराते हुए आभार व्यक्त किया। साध्वी कुन्दनयशा ने गीतिका की प्रस्तुति दी।

साध्वी निर्वाण श्री ने कहा कि व्यक्तित्व प्रत्येक व्यक्ति के पास है, उसे विकसित करने की आकांक्षा मन में होनी चाहिये। खण्डित व्यक्तित्व विकास से स्वस्थ समाज रचना में बाधायें उपस्थित होती है। शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के साथ – साथ बच्चों में भावनात्मक विकास आवश्यक है। साध्वी योगक्षेम प्रभा ने कहा कि विद्यार्थी ऊंचे लक्ष्य के साथ जीवन में आगे बढऩे को संकल्पित हों। संकल्प शक्ति के साथ -साथ एकाग्रता, तनाव मुक्ति, क्रोधशमन आदि से भी स्वयं को भाषित करें। इस अवसर पर साध्वी निर्वाणश्री, साध्वी क्षेमप्रभा, कुन्दनयशा, रजनी शर्मा, निर्मल कोठारी, सांवरमल जालान, महेश तंवर, ललित राठौड़, कविता जैन ने अणुव्रत आचार संहिता बोर्ड का विमोचन किया। संचालन रतन भारतीय ने किया।

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