सालासर को उपतहसील बनाने का विरोध, ग्रामीण हुए लामबंद

SHARE

Salasar-sub-tehsil

बजट में सालासर को उप तहसील बनाने की घोषणा का विरोध के सुर तेज होने लगा है। एक तरफ सालासर उपतहसील बनाने पर खुशी जाहिर की जा रही है वही दुसरी ओर करीबन छह ग्राम पंचायतों के लोग उप तहसील बनाने का विरोध प्रकट करने लगे है। मलसीसर के एडवोकेट मोहनलाल बिस्सु , गोवर्धनलाल चौधरी, अरूण शर्मा, राजकुमार नाई, किशनलाल खिलेरी, गोपालचंद प्रजापत, सरपंच भूराराम प्रजापत ने एक ज्ञापन तैयार कर मुख्यमंत्री को सौपेगें। एडवोकेट मोहनलाल बिस्सु ने बताया कि सुजानगढ कस्बें की सीमा क्षेत्र में बसे गांव जीनरासर, बड़ाबर, मींगणा, लोढसर , टांडा, भानिसरिया, अणखोल्या, गोटड़ा, बासी, डूंगरास सहित अनेक गांव को सालासर उप तहसील में शामिल करने का विरोध कर रहे है।

उन्होने बताया कि औचित्य विहीन भौगोलिक स्थिति के विपरित व आम आदमी के हितो पर कुठाराघात है। उन्होने बताया कि सुजानगढ़ तहसील के पश्चिम सीमा पर ग्राम मगरासर, कानूता, बाघसरा आथुणा है जिनकी दूरी सुजानगढ़ से 60 किलो मीटर है व सुजानगढ़ के उतरी तरफ की सीमा पर जैतासर, जोगलिया, धातरी की दुरी 30 किलोमीटर है तथा पूर्वी दिशा सालासर ग्राम की दूरी 25 किलोमीटर है ओर ग्राम मलसीसर की दूरी मात्र 13 किलोमीटर है व मलसीसर से सालासर की दूरी 21 किलोमीटर दूरी है। उन्होने बताया कि ग्राम मींगणा की सुजानगढ से मात्र 7 किलोमीटर दूरी है जबकि सालासर इस गांव की दूरी 18 किलोमीटर है। जीनरासर की सुजानगढ से 8 किलोमीटर दूरी है जबकि जीनरासर की सालासर से दूरी 30 किलोमीटर है।

उन्होने बताया कि इन गांवो को सीधा कोई रास्त नही होने के कारण लोगो को धन व समय की हानि उठानी पड़ेगी। स्थानीय लोगो ने बताया कि इन गांवो में सुजानगढ़ आने जाने के लिए आवागमन की सुविधा सुबह से लेकर देर रात्रि तक रही है जबकि सालासर से कोई सीधा आवागमन के साधन नही है। उन्होने बताया कि सुजानगढ़ में आधारभूत सुविधा तहसील कार्यालय, उपखण्ड कार्यालय, पोस्ट ऑफिस कार्यालय रेलवे स्टेशन, बिजली विभाग, टेलीफोन , पानी, कृषि मंडी, डीटीओ कार्यालय, कॉलेज व अस्पताल सहित अनेक सुविधाएं होने बावजूद भी इन गांवो के सम्र्पको को नजर अंदाज कर आम आदमी के हितो को अनदेखी कर सालासर उप तहसील में शामिल कर रहे है।

बेवजह सालासर उपतहसील शामिल होने पर इन गांवो के लोगो मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र , जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण प्रत्र, वृद्धावस्था पेंशन, किसान क्र ेडिट कार्ड बनाने व राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी लेने, रजिस्ट्री करवाने के लिए अनावश्यक रूप से सुजानगढ़ की बजाय सालासर जाना पड़ेगा जिससे आम आदमी को खर्चे से जेरबार होना पड़ेगा व अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होने बताया कि इन गांवो का सम्र्पक सुजानगढ़ से जुड़ा हुआ है। अपनी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति के लिए सुजानगढ़ आना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि राज्य सरकार को सालासर उप तहसील की घोषणा पुनर्विचार कर इन समस्या को ध्यान में रखते हुए सुजानगढ तहसील के नजदीक गांवों सुजानगढ़ में रखा जाये। अन्यथा ग्रामीणों को मजबूर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here