पश्चिमी छोड़ भारतीय संस्कृति अपनाये युवा – चौबदार

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Valentine's-Dayश्री सूर्य भगवान मन्दिर माली समाज के अध्यक्ष विक्रमसिंह चौबदार ने वेलेन्टाइन डे का विरोध करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महापुरूषों की जयन्ति एवं पुण्यतिथी मनाकर उनके जीवन से प्रेरणा लेने की परम्परा रही है। विश्व की अन्य संस्कृतियों के मुकाबले भारतीय संस्कृति अत्यन्त समृद्ध है।

चौबदार ने कहा कि अआज का युवा पश्चिमी संस्कृति का उपासक है और उसका अन्धानुकरण करते हुए वेलेन्टाईन डे मनाता है, जबकि भारतीय संस्कृति में प्रेम, प्यार के लिए कोई दिन विशेष न होकर वसोन्तत्सव के रूप में पूरे दो महीने का समय दिया गया है। पाश्चत्य देशों में प्रेम जहां अश्लीलता एवं दिखावा है, वहीं भारत में एक-दूसरे को जानने-समझने और मानने का दूसरा नाम प्रेम है। वेलेन्टाइन डे को भारतीय संस्कृति और सभ्यता का घोर शत्रु बताते हुए चौबदार ने इसे मनाना छोड़कर भारतीय संस्कृति को अपनाने की अपील की है।

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