हड़ताल से करोड़ों के चैक अटके, यात्री परेशान

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अखिल भारतीय कर्मचारी महासंघ एवं अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी समन्वय समिति व अखिल भारतीय ट्रेड युनियन द्वारा घोषित दो दिवसीय हड़ताल के कारण रोड़वेज बसों के बंद होने से जहां यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं बैंकों के बंद रहने के करोड़ों रूपये के चैक समाशोधन गृह में अटक गये। रोड़वेज कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से रोड़वेज बसों के नहीं चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा तथा मजबूरन निजी बसों एवं वाहनों से अपने गंतव्य स्थान पर जाना पड़ा।

हड़ताल के समर्थन में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी समन्वय समिति की स्थानीय शाखा के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 11 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने गये प्रतिनिधि मण्डल में प्रदेश उपाध्यक्ष गुरूदेव गोदारा, तहसील संयोजक अल्ताफ अली, तहसील अध्यक्ष शिवपालसिंह राजियासर, शंकरलाल मेघवाल, आंगनबाड़ी की तहसील अध्यक्ष सन्तोष शर्मा, सुमन चौधरी, पटवार संघ अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा बिजली बोर्ड के जिला अध्यक्ष राजूसिंह, मोहनराम मुण्ड, राजेश गौड़, सुनील स्वामी, शुभकरण देवल, रामलाल गुलेरिया, आसूराम खटीक, बीरबल थालौड़, महमूद, सुघेन्द्र जोशी, प्रहलाद नाई, हरिश स्वामी, गोपाल, लक्ष्मण डूकिया, ओमप्रकाश स्वामी, घड़सीराम बगडिय़ा, कालूराम बीरड़ा, भंवरलाल सिहाग, रामदास मीणा, खींवाराम पंवार सहित अनेक लोग शामिल थे। इसी प्रकार हड़ताल के समर्थन युनाइटेड फॉरम ऑफ बैंक युनियन के आह्वान पर कस्बे की समस्त बैंकों में बुधवार को ताले भ्ज्ञी नहीं खुले।

बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण करोड़ों रूपये के चैक क्लीयरिंग हाऊस बंद रहने के कारण अटक गये। राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाईज युनियन के अध्यक्ष सीताराम गहलोत के नेतृत्व में एसबीबीजे की स्थानीय शाखा के समक्ष प्रदर्शन कर बैंक कर्मचारियों ने नारे बाजी की। युनियन प्रवक्ता गिरधर शर्मा, पुरूषोतम शर्मा, भंवरलाल प्रजापत, नवरतन मल छाजेड़, हरदयालसिंह, ओबीसी के प्रदेश संगठन मंत्री हाजी मोहम्मद ने आमजन को सम्बोधित करते हुए हड़ताल के औचित्य व मुद्दों को रेखांकित किया।

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