जोहड़ पायतन की भुमि में पट्टे जारी नहीं करने के आदेश देने की मांग

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स्थानीय युवक सेवा समिति के महासचिव सुरेन्द्र भार्गव ने जिला कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर कस्बे के जोहड़ पायतन की भुमि में विधि के विपरित पट्टे लीज डीड जारी नहीं करने के आदेश देने की मांग की है। पत्र में भार्गव ने लिखा है कि संवत 2002 तदनुसार सन 1945 में मौजा दुलिया तहसील सुजानगढ़ निजामत राज श्री बीकानेर के तत्कालीन खसरा नं. 37 रकबा 15 बीघा से अधिक व खसरा संख्या 51 रकबा 38 बीघा से अधिक भुमि जोहड़ पायतन थी। सन 1960 में प्रथम ग्राम पंचायत मलसीसर के तत्कालीन सरपंच द्वारा बिना ग्राम पंचायत से पारित संकल्प संख्या, ऑफिसर की आज्ञा संख्या एवं बिना खसरा संख्या अंकित किये फर्जी विक्रय विलेख कुछ लोगों को दे दिये गये। उसके पश्चात भी बहुत सारे फर्जी पट्टे भ्रष्ट सरपंचों के द्वारा जारी किये गये थे।

इन्ही फर्जी पट्टो के आधार पर कुछ लोगों ने राजस्व मण्डल अजमेर से अवैद्य खातेदारी भी प्राप्त कर ली एवं इकरारनामों एवं विक्रय विलेख के पंजीयन द्वारा गैर कानूनी रूप से स्वामित्व के अधिकारों का हस्तांतरण होता रहा है, जबकि राजस्व रिकार्ड में नये खसरा नं. 1 से 214 तथा 407/172 वगैरह कुल 182-03 बीघा गैर मुमकिन सिवाय चक दर्ज है। भार्गव ने पत्र में लिखा है कि 10.06.2002 में कुल किता 10 खसरे कुल रकबा 36 बीघा 17 बिस्वा जोहड़ पायतन की भुमि को आबादी विस्तार के लिए नगरपालिका मण्डल सुजानगढ़ को विधि के विपरित आवंटित कर दिया। इसके पश्चात 4. 9. 2006 को उन्ही में से कुल 5 खसरों की 4 बीघा जोहड़ पायतन की भुमि पुलिस थाना भवन के लिए नि:शुल्क आवंटन स्वायत शासन विभाग द्वारा कर दिया गया। जबकि अधिकांश खसरों में अवैद्य अतिक्रमण हो चूके हैं।

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