मुकाबला-ए-कव्वाली के साथ सम्पन्न हुआ माणक जयन्ति समारोह

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स्थानीय यंग्स क्लब में मुकाबला-ए-कव्वाली के साथ ही छ: दिवसीय माणक जयन्ति समारोह सम्पन्न हो गया। क्लब की स्थापना के 40 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित माणक जयन्ति समारोह के तहत बुधवार रात्री को समाजसेवी, उद्योगपति जयसिंह सेठिया की अध्यक्षता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक मा. भंवरलाल मेघवाल के मुख्य आतिथ्य एवं समाजसेवी, उद्योगपति मांगीलाल सेठिया, बजरंगलाल बोथरा, नगरपालिका अध्यक्ष डा. विजयराज शर्मा तथा राधेश्याम अग्रवाल के विशिष्ट आतिथ्य में मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन हुआ। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर एवं मोहम्मद बिलाल ईंयारा वाले के सौजन्य से आयोजित मुकाबला-ए-कव्वाली में प्रसिद्ध कव्वाल इरफान तुफैल जोधपुर तथा कव्वाला नसीमा परवीन बरेली ने कव्वाली के आशियाना मुकाबले में हुस्न व ईश्क से जुड़े शेरो शायरी के जरिये सवाल जवाब पेश करते हुए श्रोताओं को न केवल गुदगुदाया अपितु देर रात तक उन्हे बांधे रखा।

फनकार इरफान तुफ ैल ने कार्यक्रम का आगाज काबे में तेरा जलवा, काशी में नजारा है …… से करके सांगीतिक वातावरण निर्मित किया। कव्वाला नसीमा परवीन द्वारा प्रस्तुत दुर्गा स्तुति के पश्चात कलाकारों की प्रस्तुति हाथों में गीता रखेंगे और सीने में कुरान रखेंगे, मन्दिर रखेंगे, मस्जिद रखेंगे लेकिन पहले हिन्दूस्तान रखेंगे के जरिये साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश देकर भरपूर तालियां बटोरी। कलाकारों ने शायर सबा बनारसी की गजल जाओगे कहां बचकर जब दिल में बसा लेंगे तथा शायर सुल्तानपुरी के गीत गोरियां जरा धीरे चलो री को मनोयोग से प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राग दरबारी में प्रस्तुत गजल पत्थर के जिगर वालों गम में वो रवानी है की प्रस्तुति सहित शायर आदित्य नागपुरी की गीतनुमा गजल तेरी याद आई बरसात के मौसम में को सुनाकर श्रोताओं को आनन्दित कर दिया। फनकारों ने समर निजामी की अमर कृति चढ़ता सूरज धीरे-धीरे ढ़लता है, ढ़ल जाएगा को डूबकर सुनाया।

शायर फजान जलन्धरी की रचना कुछ सोच के परवाना महफिल में जला होगा, शायद इसी जलने में जीने का मजा होगा के साथ मुकाबला-ए-कव्वाली का समापन हुआ। इससे पहले मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री मा. भंवरलाल मेघवाल व नगरपालिका अध्यक्ष डा. विजयराज शर्मा ने क्लब अध्यक्ष निर्मल भुतोडिय़ा एवं मंत्री महावीर मिरणका का शॉल ओढ़ाकर अभिनन्दन किया। क्लब की स्थापना से लेकर अब तक जुड़े 19 समाजसेवी, भामाशाह एवं कार्यकर्ताओं तथा विशिष्टजनों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए संस्था संपोषण सम्मान से नवाजा गया। क्लब द्वारा प्रकाशित एवं सांस्कृतिक सचिव गिरधर शर्मा द्वारा सम्पादित सुजान सौरभ स्मारिका का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। अतिथियों एवं कलाकारों का स्वागत माणकचन्द रामपुरिया, सज्जन कुमार शर्मा, देवेन्द्र कुण्डलिया, निर्मल बोकडिय़ा, हाजी मोहम्मद, गोपाल चोटिया, मुन्नालाल प्रजापत, कमल भुतोडिय़ा, सन्तोष बेडिय़ा, मंगतुलाल मोर, अयूब खां ने माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर किया। संचालन वन्दना कुण्डलिया ने किया।

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