दाता नहीं श्रीराम जैसा सेवक नहीं हनुमान जैसा

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कस्बे के दुलियां बास स्थित परशुराम गार्डन में महावीर मस्त मण्डल के 18 वें स्थापना दिवस समारोह पर भावनदेसर शिव मंदिर श्री नाथ जी का आश्रम के महन्त होशियारनाथ जी महाराज के सानिध्य में आयोजित भजन संध्या में दिल्ली के रवि ओम त्रिसुली पार्टी, सीकर के राजेन्द्र खीची एण्ड पार्टी जयपुर की तनु शर्मा एण्ड पार्टी व रतनगढ़ एवं छापर के गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं एवं दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। भजन संध्या के शुभारम्भ पर संत होशियारनाथ जी महाराज का पवन दादलिका एवं मदन तोदी ने शॉल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनन्दन किया।

राजेन्द्र खीची एण्ड पार्टी ने मंगल भवन अ मंगलहारी, दाता नहीं श्रीराम जैसा सेवक नहीं हनुमान जैसा, श्रीराम की आंखो के तारे व तनु शर्मा ने अगली सदी में ढ़ूंढते रह जाओगे श्याम मेरे घर कब आओगे, छम-छम नाचे वीर हनुमाना, एस.पी. वर्मा व पारूल शर्मा ने राम पे जब विपदा आई, गर जोर मेरो चाले, हीरा मोत्यां स्यूं, पगल्यां री पायलड़ी, मा. सलीम ने आओ गणपत आज सभा में सहित अनेक प्रस्तुतियां दी। सुजानगढ़ की नाथ मण्डली ने ओम शिव ओम शिव एवं रटता जा आदि भजनों की प्रस्तुतियां दी। महावीर मस्त मण्डल द्वारा पर्वत शरीरा काज शरीरा श्री हनुमान पधारे की प्रस्तुति से वातावरण भगवद्मय हो गया। पवन दादलिका ने महावीर मस्त मण्डल के सभी सदस्यों एवं कलाकारों का आभार व्यक्त किया।

भजन संध्या में ओम त्रिसुली द्वारा राम दरबार, शिवपार्वती, बरात वीथ काली, राधा-कृष्ण, सुदामा, सत्यभामा, रूकमणी, नारद भक्त के वश भगवान में भगवान आदि झांकियां आक र्षण का केन्द्र रही। इस अवसर पर बालाजी महाराज का अलौकिक श्रृंगार किया गया। संचालन राजूसिंह भाटी ने किया। महावीर मस्त मण्डल के पवन कुमार दादलिका ने बताया कि 18 अक्टूबर 1994 रविवार से सुन्दरकाण्ड का पाठ प्रारम्भ किया था, जो शनिवार, मंगलवार व पुर्णिमा को करते हुए अब तक 1885 पाठ किये जा चूके हैं।

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