सरकारे मदीना कांफ्रेन्स का अजीमुश्शान व नूरानी जलसे का आयोजन

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स्थानीय वार्ड न. 31 के हाजी शेर मोहम्मद चौहान की हवेली के सामने मंगलवार रात्रि को सरकारे मदीना कांफ्रेन्स का अजीमुश्शान व नूरानी जलसे का आयोजन हुआ। सादाते इकराम सैयद अली व मो. अयुब क सरपरस्ती में सम्पन्न कार्यक्रम की सदारह हाफिज गुलाम हैदर व निजामत प्रतापगढ के आसिफ रजा सैफी ने संभाली। जिनके शायराना अंदाज ने महफिल को चार चांद लगाये। हाफिज अकरम रजा ने तिलावते कुरान से आगाज किया एवं नन्हे गुलाम मुस्तफा ने नात शरीफ का नजराना पेश किया। शाइरे इस्लाम मो. तिश्रा व ताबिश इलाहाबादी की जोड़ी ने नातो मनकबत का खुशबुदार गुलदस्ता पेश कर जलसे को परवान चढाया। हबीबे खुदा का नजारा करू मैं , दिलो जान उन पर निसारा करू मैं सहित इश्के रसूल से सराबोर एक से बढकर एक रचनाओं ने खूब दाद बटोरी। अल्लामा शहादत हुसैन ने इश्के नबी, दुरूदो सलाम तथा मौलाना शोएब आलम ने इसाले सवाब विषय पर शानदार तकरीरे पेश की।

नाइब मुफ्ती ए राजस्थान शेर मोहम्मद खान ने इस्लाम की अजमत बयान करते हुए कहा कि मजहबे इस्लाम अमन, इन्सानियम, वफादारी, बराबरी व मुहब्बत का पैगाम देता है। अदाये मुस्तफा पर जीने का नाम इस्लाम है। पूरी मख्लूक खुदा का कुनबा है जो खुदा की मख्लूक को प्यार करता है , खुदा उसको प्यार करता है। इस्लाम ने दुश्मनी हराम और दोस्ती इबादत है। क्योकि इस्लाम सलामती व प्यार का मजहब है। दुश्मनो से भी प्यार करना सुन्नते रसूल है। उन्होने मुसलमानो से आह्वान किया कि आपसी दुश्मनी , अदावत व मतभेद मिटाओं क्योंकि दुश्मनी मिटाने वाला कामयाब होता है। मुदाराबाद के खतीब मुफ्ती मो. इमरान हासमी ने कहा कि नमाज ईमान की दौलत, नबी के आंखो की ठंडक और दीन का सतून है।

जो अल्लाह के आगे सर झुकाता है, अल्लाह उसका सर ऊंचा उठाता है। जलसे में शानदार संचालन आसिफ रजा सैफी ने किया। दुरूदो सलाम के बाद सैयद जहूर अली अशरफी ने मुल्क में अमनो अमान व आपसी भाईचारे के लिए दुआ की। इस अवसर पर शहर काजी मो. आरीफ, मौलाना उबैदुर्रहमान, मो. अयुब नूरी, हाफिज जरीफ आलम, अब्दुल सलाम मिस्बाही, गुलाम नबी, शराफत हुसैन, मो. हुसैन,काजी इलयास , शम्सुद्दीन स्नेही सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित थे।

1 COMMENT

  1. aslamvalekum/
    Sher mohmad shab aap ne rajasthan ke muslim bhaiyo ko unke jine ka maksad shikha diya h , alla aapki har murad puri kre or aapki avaj me tiger ki dhad or badhti jaye(aamin).

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