स्मृति सभा में डा. मोहन जैन के निधन को अपूरणीय क्षति बताया

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संभाग के प्रख्यात नेत्र चिकित्सक डा. मोहन जैन के असामयिक निधन पर स्थानीय यंग्स क्लब सभागार में मंगलवार रात्री को स्मृति सभा का आयोजन किया गया। जिसमें नगर एवं समीपस्थ क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी भावांजली में डा. जैन के निधन को इस जनपद के लिए अपूरणीय क्षति बताया। वरिष्ठ चिकित्सक डा. मधुसूदन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित स्मृति सभा में जुगराज बाफना एवं मुन्नीलाल बोथरा मंचस्थ थे। अतिथियों द्वारा डा. जैन की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजली एवं माल्यार्पण से शुरू हुए कार्यक्रम के आरम्भ में क्लब के सांस्कृतिक सचिव गिरधर शर्मा ने डा. जैन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए डा. जैन की प्रेरणा से बीस वर्षों तक लगातार क्लब द्वारा आयोजित नि:शुल्क नेत्र लेंस प्रत्यारोपण शिविर विषयक जानकारी देते हुए डा. जैन से जुड़े संस्मरणों को रेखांकित किया।

सभा में पूर्व विधायक रामेश्वर भाटी, लाडनूं नगरपालिका अध्यक्ष बच्छराज नाहटा, डा. प्रकाश काछवाल, हनुमानमल सेठिया, हाजी शम्सूद्दीन स्नेही, राधेश्याम अग्रवाल, तनसुखराय रामपुरिया, इदरीश गौरी, अमृतलाल बैद, दानमल शर्मा, मरूदेश संस्थान अध्यक्ष घनश्यामनाथ कच्छावा, किराना मर्चेन्ट एसोशियसन अध्यक्ष एवं पार्षद पवन चितलांगिया, महिला जागृति संस्थान अध्यक्षा सज्जन बोकडिय़ा, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के मंत्री विजयसिंह बोरड़, अजय चौरडिय़ा, पांचीराम बैंगानी, सौरभ बोथरा व मुन्नीलाल बोथरा ने भावों के माध्यम से डा. जैन को श्रृद्धांजली अर्पित की। कलाकार योगेश चतुर्वेदी तथा नवरतन पारीक ने चिठी ना कोई सन्देश – ना जाने कौन सा देस जहां तुम चले गये गीत के माध्यम से डा. जैन को स्वरांजली अर्पित की। अध्यक्षीय उद्बोधन में डा. जैन के सेवा कार्यों को रेखांकित किया। सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर सभा का समापन किया गया। संचालन क्लब के सांस्कृतिक सचिव गिरधर शर्मा ने किया।

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