आर्यिका विदूषीश्री ने उपदेश दिए

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भारतीय संस्कृति विश्व कि सभी संस्क्रतिरयों में सर्वश्रेष्ठ व एक ऊर्जावान संस्कृति है। इस भारतीय वसुन्धरा ने विश्व का मार्गदर्शन करने वाले गुरूओं को जन्म दिया है। उक्त विचार आर्यिका विदूषी श्री माताजी ने राजकीय कनोई बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्यक्त किये। आर्यिका विदूषी श्री जी ने विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की प्लस टू ईकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर की स्वयंसेविकाओं को सम्बोधित करते हुए भारतीय पाश्चात्य प्रदूषण निवारण विषयक उद्बोधन देते हुए शाकाहार, व्यसन मुक्ति, सत्य बोलने और सदाचार पालने के सम्बन्ध में भी सुन्दर ढ़ंग से स्वयंसेविकाओं को बताया।

आर्यिका संघ की विभुतिश्री ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। मरूदेश संस्थान के अध्यक्ष एड. घनश्यामनाथ कच्छावा ने भी विचार व्यक्त को दृढ़ करने के सम्बन्ध में बताया। उषा जैन ने आर्यिका विदूषीश्री व पूरे संघ का परिचय दिया। संस्था प्रधान पुष्पलता शर्मा ने आर्यिका संघ का विद्यालय में अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष दानमल सौगानी, मंत्री पारसमल बागड़ा, विमल पाटनी, सन्तोष बागड़ा सहित जैन समाज की अनेक महिलाएं उपस्थित थी।

इससे पूर्व विद्यालय की एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी अनिता सैनी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में स्वयंसेविकाओं ने श्रीगणेश मन्दिर, सिंघी जैन मन्दिर, ठरड़ा में बाबा रामदेव मन्दिर आदि का भ्रमण कर ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त की। संस्था प्रधान पुष्पलता शर्मा की अध्यक्षता में  मेहन्दी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। श्रीमती सीमारानी ने व्यक्तिगत स्वच्छता व जनस्वास्थ्य विषय पर वार्ता प्रस्तुत की। रीटा जैन, अम्बिका स्वामी, सुमन कच्छावा ने सहयोग किया।

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