अब खुलेगी अपराधियों की जन्मकुंडली

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गुजरात के चिपली थाना क्षेत्र में चार अगस्त को सड़क हादसे में घायल हुए सुजानगढ़ में फायरिंग व गनोड़ा शराब ठेके के सेल्समैन के भाई की हत्या के नामजद आरोपी रामसिंह को सुरक्षा घेरे में बुधवार देर रात सुजानगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में गुरुवार को इलाज के दौरान पुलिस गनोड़ा हत्याकांड के वास्तविक तथ्यों को जुटाने में लगी रही। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि स्कार्पियों में सवार उक्त अपराधी भीलवाड़ा से कहां जा रहे थे, वांछित आरोपी आनंदपाल से उनकी कहां मुलाकात हुई और षडय़ंत्र में कौन कौन शामिल है।
पुलिस उपाधीक्षक नितेश आर्य के अनुसार प्रारंभिक तौर पर हुए खुलासे में सामने आया है कि गनोड़ा हत्याकांड का वांछित आरोपी रामसिंह भीलवाड़ा से गत तीन अगस्त को बलवीर बानूड़ा, झालावाड़ के हिस्ट्रीशीटर सुरेश पाटीदार, नागौर के मोंटीसिंह व अजमेर पुलिस के वांछित अपराधी रामधन के साथ गाड़ी में सवार होकर सूरत की ओर रवाना था। 8 अगस्त को सुबह 6.10 बजे चिपली थाना क्षेत्र उनकी उनकी गाड़ी पलट गई, जिसमें अजमेर पुलिस के वांछित अपराधी रामधन की मौके पर ही मृत्यु हो गई। रामसिंह व अन्य घायल अपराधी अपना नाम बदलकर मलाड़ के संजीवनी अस्पताल में भर्ती हो गए।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद 9 अगस्त को सुजानगढ़ पुलिस उपाधीक्षक नितेश आर्य व छापर थानाधिकारी पुष्पेंद्र झाझडिय़ा मलाड़ पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने से पूर्व ही सुरेश पाटीदार, मोंटीसिंह व बलवीर बानूड़ा खुद को अस्पताल से डिस्चार्ज करवा कर फरार हो गए। रामसिंह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दूसरी ओर पुलिस द्वारा रामसिंह के मलाड़ से फरार साथी मोंटी सिंह, सुरेश पाटीदार व बलबीर बानूड़ा के किसी अन्य अस्पताल में भर्ती होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक आर्य ने बताया कि तीनों आरोपियों की तलाश में एटीएस की टीम जुटी हुई है। वहीं रामसिंह के तार कहाँ-कहां व किस-किस से जुड़े है इसकी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

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