नर्सिग स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी लपके ने

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सुजानगढ़ : स्थानीय राजकीय सुजानमल बगड़िया चिकित्सालय में लपकों द्वारा निजी लैबों में जाँच करवाने के बदले कमीशन के चक्कर में जनता व मरीजों को परेशान करने की बात न तो किसी से छुपी हुई है और न ही इन पर कोई अंकुश है। लेकिन लपकों की इस कद हिम्मत हो जाये कि वे नर्सिग स्टाफ के साथ बदशलुकी करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे…… यह बात जल्दी से गले नहीं उतरती। लेकिन यह सब सत्य है और इस प्रकार की घटना सरकारी अस्पताल के एक मेल नर्स के साथ घटित होने के उपरान्त पीड़ित द्वारा पुलिस थाने में लपके के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्जिकल वार्ड में कार्यरत नर्स सलमा चाको-एच.एल. वी. के साथ लपके महेन्द्र जाट निवासी कसुम्बी ने गाली गलौच की। इस पर ड्यूटी पर चल रहे मेल नर्स द्वितीय मूलचन्द मीणा इस वार्ड में पहुँचे तो उन्होंने महेन्द्र को गाली-गलौच करने से रोका तो महेन्द्र जाट ने सलमा चाको व मूलचन्द मीणा के साथ मारपीट की व मूलचन्द के कपड़े फाड़ दिये व जाति सूचक व अश्लील गाली गलौच किया। इस पर पीड़ित नर्सिग स्टाफ के दोनों सदस्यों ने सरकारी चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देकर अस्पताल परिसर में पर्ची पकड़ने वाले उक्त लपके महेन्द्र जाट के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा पहुँचाने, मारपीट करने व गाली गालौच करने व जान से मारने की धमकी देने के बारे में लिखित में सूचना दी। बाद में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने पुलिस थानाधिकारी को भी उक्त लपके के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा। इस पर पुलिस थाने में मेल नर्स मुस्तगिस मूलचन्द पुत्र दुलाराम जाति मीणा निवासी स्यानण की रिपोर्ट के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने, गाली गलौच व मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की जाँच कर रहे उप पुलिस अधीक्षक नीतेश आर्य ने गुरूवार को सरकारी अस्पताल जाकर पीड़ितों के बयान लिये व मौका निरीक्षण करने नक्शा मौका बनवाया।
ज्ञात रहे कि बीमारों का ईलाज करने के स्थान सरकारी चिकित्सालय के लिए निजी लैबों के लपके एक लाईलाज बीमारी बन गये हैं जिससे मरीज परेशान, नर्सिग स्टाफ परेशान है। हो सकता है कि कल को कोई चिकित्सक भ्ज्ञी इस प्रकार की घटना का शिकार हो जाये। जाहिर है कि अस्पताल के लिए नासूर बन चुके इन लपकों पर प्रतिबन्ध के लिए कोई पुख्ता उपाय प्रशासन के द्वारा नहीं किया जा रहा है।

स्थानीय राजकीय सुजानमल बगड़िया चिकित्सालय में लपकों द्वारा निजी लैबों में जाँच करवाने के बदले कमीशन के चक्कर में जनता व मरीजों को परेशान करने की बात न तो किसी से छुपी हुई है और न ही इन पर कोई अंकुश है। लेकिन लपकों की इस कद हिम्मत हो जाये कि वे नर्सिग स्टाफ के साथ बदशलुकी करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे…… यह बात जल्दी से गले नहीं उतरती। लेकिन यह सब सत्य है और इस प्रकार की घटना सरकारी अस्पताल के एक मेल नर्स के साथ घटित होने के उपरान्त पीड़ित द्वारा पुलिस थाने में लपके के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्जिकल वार्ड में कार्यरत नर्स सलमा चाको-एच.एल. वी. के साथ लपके महेन्द्र जाट निवासी कसुम्बी ने गाली गलौच की। इस पर ड्यूटी पर चल रहे मेल नर्स द्वितीय मूलचन्द मीणा इस वार्ड में पहुँचे तो उन्होंने महेन्द्र को गाली-गलौच करने से रोका तो महेन्द्र जाट ने सलमा चाको व मूलचन्द मीणा के साथ मारपीट की व मूलचन्द के कपड़े फाड़ दिये व जाति सूचक व अश्लील गाली गलौच किया। इस पर पीड़ित नर्सिग स्टाफ के दोनों सदस्यों ने सरकारी चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देकर अस्पताल परिसर में पर्ची पकड़ने वाले उक्त लपके महेन्द्र जाट के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा पहुँचाने, मारपीट करने व गाली गालौच करने व जान से मारने की धमकी देने के बारे में लिखित में सूचना दी। बाद में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने पुलिस थानाधिकारी को भी उक्त लपके के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा। इस पर पुलिस थाने में मेल नर्स मुस्तगिस मूलचन्द पुत्र दुलाराम जाति मीणा निवासी स्यानण की रिपोर्ट के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने, गाली गलौच व मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की जाँच कर रहे उप पुलिस अधीक्षक नीतेश आर्य ने गुरूवार को सरकारी अस्पताल जाकर पीड़ितों के बयान लिये व मौका निरीक्षण करने नक्शा मौका बनवाया।ज्ञात रहे कि बीमारों का ईलाज करने के स्थान सरकारी चिकित्सालय के लिए निजी लैबों के लपके एक लाईलाज बीमारी बन गये हैं जिससे मरीज परेशान, नर्सिग स्टाफ परेशान है। हो सकता है कि कल को कोई चिकित्सक भ्ज्ञी इस प्रकार की घटना का शिकार हो जाये। जाहिर है कि अस्पताल के लिए नासूर बन चुके इन लपकों पर प्रतिबन्ध के लिए कोई पुख्ता उपाय प्रशासन के द्वारा नहीं किया जा रहा है।

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